अगर तुम अभी इस article को पढ़ रहे हो क्योंकि तुम्हारे परिवार में किसी की हाल ही में मौत हुई है, तो पहले यह जान लो — तुम सही जगह हो, और यह process जितना मुश्किल लगता है, उससे आसान है। हम तुम्हें step-by-step बताएंगे कि क्या करना है, बिना किसी जटिल भाषा या भारी formality के।
इस मुश्किल समय में, हम समझते हैं कि तुम्हारा दिमाग बहुत सारी चीज़ों में उलझा होगा — परिवार, रीति-रिवाज, और साथ में यह सब paperwork भी। इस article का मकसद है कि तुम्हें इस एक हिस्से के बारे में कम से कम स्पष्टता मिले, ताकि बाकी जरूरी चीज़ों पर ध्यान दे सको।
Term insurance claim process में नॉमिनी को सबसे पहले insurance company को सूचित (intimate) करना होता है, फिर claim form भरकर जरूरी documents (death certificate, policy document, ID proof) submit करने होते हैं। IRDAI के नियम के अनुसार, सभी documents मिलने के 30 दिनों के अंदर insurer को claim settle करना होता है।

पहले 48 घंटों में क्या करें (सबसे जरूरी)
अगर अभी-अभी यह हुआ है, तो सिर्फ इन 3 चीज़ों पर ध्यान दो। बाकी सब बाद में हो जाएगा, और इन तीन steps के अलावा अभी कुछ और सोचने की जरूरत नहीं है:
1. Insurance Company को सूचित करो — फोन, email, या website से। ज्यादा देर मत करो, पर पूरी documentation की चिंता अभी मत करो। ज्यादातर insurers के पास एक dedicated claims helpline होती है, जिसका number policy document पर या उनकी website पर मिल जाता है। इस call में सिर्फ basic information देनी होती है — policy number (अगर पता है), insured व्यक्ति का नाम, और मौत की तारीख। इतना ही काफी है शुरुआत के लिए।
2. Death Certificate की व्यवस्था करो — यह local municipal office या hospital से मिलता है। अगर मौत hospital में हुई है, hospital खुद एक death certificate या medical certificate of cause of death issue कर सकता है, जिसे आगे municipal office से official certificate में convert करना होता है। अगर घर पर हुई है, local doctor या municipal health officer से संपर्क करना होगा। बाकी सब इसके बिना आगे नहीं बढ़ेगा, इसलिए यह सबसे पहली priority है, document collection में।
3. Policy Document ढूंढो — अगर मिल नहीं रहा, चिंता मत करो, insurer को बता दो — वो duplicate copy के लिए guide करेंगे। बहुत से परिवारों में, सिर्फ एक व्यक्ति को पता होता है कि policy documents कहां रखे हैं, और अगर वही व्यक्ति नहीं रहा, document ढूंढना मुश्किल हो सकता है। यह एक common situation है, और insurers इसके लिए तैयार होते हैं — सिर्फ policy number या insured का नाम पता होने पर भी वो record ढूंढ सकते हैं।
बाकी सब कुछ धीरे-धीरे हो जाएगा। अभी इतना ही काफी है। एक गहरी सांस लो, और याद रखो कि यह process designed है families को support करने के लिए, ना कि उन्हें परेशान करने के लिए।

Claim Process — पूरे Steps
जब तुम तैयार हो (शुरुआती emotional shock थोड़ा कम होने के बाद), यहां पूरी process है, detail से समझाई गई:
Step 1: Claim Intimation
Insurance company को सूचित करना पहला step है — फोन कॉल, email, या उनकी website/app से। इस समय policy number, insured का नाम, मौत की तारीख और कारण बताना होता है। यह step सिर्फ insurer को alert करने के लिए है कि एक claim आने वाला है — इस समय कोई detailed documentation नहीं चाहिए होती।
ज्यादातर insurers इस intimation के बाद एक claim reference number देते हैं, जिसे आगे की सारी communication में इस्तेमाल किया जाएगा। यह number safely कहीं note कर लो।
Step 2: Claim Form भरो
Insurer एक claim form देगा (online या branch से)। इसमें policyholder और nominee दोनों की जानकारी भरनी होती है — जैसे nominee का नाम, relationship, address, bank details (जहां claim amount transfer होगा), और मौत से related basic details (date, place, cause अगर पता हो)।
यह form भरने में अगर कोई confusion हो, insurer की helpline से मदद ली जा सकती है, या अगर कोई trusted family member/friend है जो इसमें मदद कर सके, उनकी सहायता लेना भी ठीक है। इस form को सही और पूरी तरह भरना जरूरी है ताकि आगे delay ना हो।
Step 3: जरूरी Documents जमा करो
यह common documents होते हैं:
- भरा हुआ claim form
- Death certificate (original या certified copy)
- Policy document — अगर ना मिले, insurer से duplicate के लिए पूछो
- Nominee का ID proof (Aadhaar/PAN/Passport)
- Nominee का bank account details (claim amount transfer के लिए) — आमतौर पर एक cancelled cheque या passbook का पहला page
- Medical records (अगर बीमारी से मौत हुई हो) — जैसे hospital records, doctor के prescriptions, treatment history
अगर मौत किसी accident या unnatural कारण से हुई हो, तो additional documents चाहिए होंगे:
- FIR की certified copy
- Post-mortem report
- Police report (अगर लागू हो)
यह additional requirement इसलिए है क्योंकि accidental या unnatural मौत के case में, insurer को यह confirm करना होता है कि मौत किसी fraud या किसी और circumstance से जुड़ी तो नहीं है — यह एक standard verification process है, ना कि तुम्हारे परिवार पर कोई शक।

Step 4: Insurer Verification करता है
सब documents मिलने के बाद, insurer उन्हें verify करता है। अगर मौत policy खरीदने के पहले 3 साल के अंदर हुई है (“early death claim”), insurer थोड़ी ज्यादा detailed जांच कर सकता है — जैसे hospital से confirm करना, या तुमने application में दी गई health information को verify करना।
यह “early death claim” वाला rule इसलिए है क्योंकि statistically, policy लेने के तुरंत बाद होने वाली मौतें थोड़ा ज्यादा scrutiny मांगती हैं — insurer को confirm करना होता है कि policy लेते समय कोई जानकारी छुपाई नहीं गई थी। अगर सब कुछ honestly declare किया गया था, यह verification सिर्फ एक formality है, और claim approve होने में कोई बड़ी बाधा नहीं बनती।
Step 5: Claim Approve होने पर Payment
Verification पूरी होने के बाद, insurer claim approve करता है और राशि nominee के bank account में transfer कर देता है। IRDAI के नियमों के अनुसार, यह सब documents मिलने के 30 दिनों के अंदर होना चाहिए (जांच जरूरी होने पर अधिकतम 6 महीने तक)।
यह जानना जरूरी है कि यह 30 दिन की समय-सीमा तब शुरू होती है जब insurer को सभी जरूरी documents मिल जाते हैं, ना कि जब पहली बार claim intimate किया गया था। इसलिए सारे documents जल्दी और सही तरीके से जमा करना, इस overall timeline को तेज़ करने में मदद करता है।
नीचे दिए checklist tool से जरूरी documents track करो — हर item मिलने पर tick कर सकते हो, ताकि कुछ भी miss न हो।
Claim Documents Tracker
हर document मिलने पर tick करो — कुछ भी miss नहीं होगा
मुख्य Documents (हर case में जरूरी)
अगर Accident/Unnatural मौत हुई हो (additional)
0 / 6 मुख्य documents तैयार
यह एक general checklist है। आपके insurer के specific requirements अलग हो सकते हैं — confirm करने के लिए insurer से सीधे बात करें।
अगर policy खरीदने से पहले सही cover amount तय करना है, तो Term Insurance Kitna Lena Chahiye वाला guide देखें।
Claim Reject क्यों होता है — और कैसे बचें
ज्यादातर claims approve होते हैं, पर कभी-कभी reject भी हो जाते हैं। यह समझना जरूरी है ताकि अगर तुम policy ले रहे हो (भविष्य के लिए), तुम इन गलतियों से बच सको। आम वजहें:
- खरीदते समय health या smoking habit की जानकारी छुपाना — यह सबसे common वजह है claim reject होने की।
- Premium time पर न भरना (policy lapse हो जाना) — अगर grace period के अंदर भी premium नहीं भरा गया, policy खुद-ब-खुद बंद हो जाती है, और cover खत्म हो जाता है।
- गलत या incomplete documents — कुछ मामलों में, सिर्फ documentation में कमी की वजह से process में delay होता है, जो reject जैसा महसूस हो सकता है पर actually सिर्फ एक temporary hold होता है जिसे सही documents से resolve किया जा सकता है।
अगर पॉलिसी खरीदते समय सही जानकारी दी गई थी, claim reject होने की संभावना बहुत कम होती है। सही plan चुनने और CSR check करने के बारे में Best Term Insurance Plan 2025-26 यहां पढ़ें।
अगर claim process में कोई दिक्कत आ रही है या समझ नहीं आ रहा, Ditto जैसी platforms commission-free advisory देती हैं, जो परिवार को इस मुश्किल समय में सही दिशा दिखाने में मदद कर सकती हैं। ऐसे समय में एक knowledgeable व्यक्ति का guidance बहुत मूल्यवान हो सकता है, खासकर अगर परिवार में किसी को पहले से insurance processes की समझ नहीं है।
अगर Claim Reject हो जाए तो क्या करें
घबराओ मत — यह आखिरी रास्ता नहीं है। यहां वो steps हैं जो उठाए जा सकते हैं:
- अगर लगे कि decision गलत है, insurer के grievance redressal department से contact करो — हर insurer के पास एक internal complaint mechanism होता है, जो rejection को review कर सकता है।
- Insurer से rejection का सही कारण लिखित में मांगो — हर insurer को यह बताना mandatory है कि claim क्यों reject हुआ। यह information तुम्हें आगे क्या करना है, यह समझने में मदद करेगी।
- अगर वहां भी संतुष्टि नहीं मिले, IRDAI के Insurance Ombudsman के पास complaint कर सकते हो — यह एक independent, free-of-cost grievance resolution mechanism है जो specifically insurance disputes के लिए बनाया गया है।
- कानूनी सहायता — अगर सब कुछ करने के बाद भी संतुष्टि नहीं मिलती, एक consumer court या insurance-specific legal advisor से सलाह लेना एक आखिरी option है, हालांकि ज्यादातर genuine claims यहां तक पहुंचने से पहले ही resolve हो जाते हैं।
Future के लिए — परिवार को कैसे तैयार रखें
अगर तुम पॉलिसीधारक हो (मौत नहीं हुई, बस तैयारी कर रहे हो), अपने nominee को यह बता दो, ताकि भविष्य में अगर जरूरत पड़े, उन्हें इस process से गुजरना आसान हो:
- Policy document कहां रखा है — एक fixed, जाना-पहचाना जगह जहां सभी important documents रहते हैं।
- Insurer का नाम और policy number — यह एक छोटी सी जानकारी है, पर इसके बिना claim process शुरू करना मुश्किल हो सकता है।
- कौन से riders policy में शामिल हैं और वो कैसे काम करते हैं — पूरी जानकारी यहां है: Term Insurance Riders Explained
- एक basic समझ कि claim process कैसे काम करता है (यह article उन्हें share कर सकते हो) — सिर्फ इतना भी काफी है कि उन्हें पता हो कि कहां से शुरू करना है।
इससे जब भी जरूरत पड़े, परिवार को process समझने में समय नहीं लगेगा, और वो अपना ध्यान वहां लगा पाएंगे जहां सबसे जरूरी है — एक दूसरे का सहारा बनना।
Claim Amount पर कोई Tax तो नहीं लगेगा?
यह एक practical सवाल है जो ज्यादातर परिवार पूछते हैं, और इसका जवाब आसान है — नहीं, term insurance का death benefit (claim amount) पूरी तरह tax-free होता है। चाहे amount कितना भी बड़ा हो, nominee को मिलने वाली पूरी राशि पर कोई income tax नहीं लगता। यह एक ऐसा नियम है जो वर्षों से consistent रहा है, और हाल में हुए tax law changes में भी यह exemption बनी हुई है।
इसका मतलब है कि जो भी राशि claim approve होने पर मिलती है, वो पूरी तरह परिवार के इस्तेमाल के लिए होती है, बिना किसी deduction के।
अगर एक से ज्यादा Nominee हैं तो क्या होता है
कुछ policies में एक से ज्यादा nominees declare किए गए होते हैं, हर एक के लिए एक percentage share के साथ (जैसे spouse को 60%, बच्चों को 40%)। ऐसे cases में, claim amount उस predetermined ratio में हर nominee को अलग-अलग transfer किया जाता है।
अगर कोई nominee minor (18 साल से कम उम्र का) है, उसका हिस्सा सीधे उसे नहीं मिलता — इसके लिए policy में एक appointee नाम किया जाता है (आमतौर पर दूसरा parent या guardian), जो उस minor की तरफ से उस राशि को manage करता है जब तक वो adult ना हो जाए। यह एक standard legal provision है जो minor की financial सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
Claim Process के दौरान Insurer से Communication कैसे रखें
अगर claim process में कुछ दिन लग रहे हैं और तुम्हें पता नहीं चल रहा कि status क्या है, insurer से नियमित रूप से (पर बहुत बार-बार नहीं) follow-up करना ठीक रहता है। ज्यादातर insurers एक claim reference number से status track करने का online option भी देते हैं, जिससे हर बार फोन करने की जरूरत नहीं पड़ती।
अगर communication में कोई language barrier महसूस हो रही है, ज्यादातर बड़े insurers customer support हिंदी और अन्य regional भाषाओं में भी provide करते हैं — इसके लिए पूछने में संकोच मत करो।
Claim Process के दौरान खुद का भी ध्यान रखो
यह कहना अक्सर भूल जाता है, पर इस पूरी process के दौरान अपनी emotional और mental health का ध्यान रखना भी जरूरी है। Paperwork एक जरूरी काम है, पर यह तुम्हारी grieving process को पूरी तरह overshadow नहीं करना चाहिए।
अगर पूरा process खुद संभालना भारी लग रहा है, किसी trusted family member, friend, या financial advisor से मदद लेने में कोई बुराई नहीं है। यह एक टीम effort हो सकता है — कोई documents collect कर सकता है, कोई form भर सकता है, और तुम्हें सिर्फ जरूरी जगहों पर signature या decision देने की जरूरत हो।
Term insurance claim process से जुड़े सवाल : (FAQ)
Q1: Term insurance claim process कैसे काम करता है?
A1: Term insurance claim process में सबसे पहले नॉमिनी को insurance company को सूचित करना होता है, फिर claim form भरकर death certificate, policy document, और ID proof जैसे documents submit करने होते हैं। IRDAI के नियम के अनुसार, सभी documents मिलने के 30 दिनों के अंदर insurer को claim settle करना होता है।
Q2: Claim के लिए कौन से Documents चाहिए?
A2: मुख्य documents में claim form, death certificate, policy document, nominee का ID proof, और bank details शामिल हैं। अगर मौत accident या unnatural कारण से हुई हो, तो FIR और post-mortem report भी चाहिए होते हैं।
Q3: Claim Settle होने में कितना समय लगता है?
A3: IRDAI के नियमों के अनुसार, सभी जरूरी documents मिलने के 30 दिनों के अंदर claim settle होना चाहिए। अगर case में detailed जांच जरूरी हो, तो यह अधिकतम 6 महीने तक भी जा सकता है।
Q4: Claim Reject क्यों हो सकता है?
A4: Claim reject होने की आम वजहें हैं — खरीदते समय health या smoking habit की जानकारी छुपाना, premium time पर न भरना, या गलत/incomplete documents। सही जानकारी देकर policy खरीदी गई हो, तो reject होने की संभावना बहुत कम होती है।
Q5: क्या Early Death Claim अलग तरीके से Process होता है?
A5: हां, अगर मौत policy खरीदने के पहले 3 साल के अंदर होती है, इसे “early death claim” माना जाता है, और insurer थोड़ी ज्यादा detailed जांच कर सकता है, जैसे hospital records verify करना।
निष्कर्ष
Term insurance claim process सुनने में भारी लगता है, पर असल में यह 5 साधारण steps में पूरा हो जाता है — सूचित करना, form भरना, documents जमा करना, verification, और payment। सही जानकारी और थोड़े patience के साथ, यह process परिवार के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं बनता। अगर कहीं भी confusion हो, हमेशा insurer की helpline या एक trusted advisor से मदद लेने में संकोच मत करो — यही उनका काम है, और तुम इस process में अकेले नहीं हो।
⚠️ डिस्क्लेमर: Mutual Fund/Stock Market निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपना Risk Profile समझें और जरूरत हो तो SEBI-registered सलाहकार से सलाह लें। Claim process insurer और case के अनुसार अलग हो सकता है — अपनी specific policy की terms जरूर जांचें और जरूरत पड़ने पर IRDAI-registered advisor या insurer के customer care से सीधे संपर्क करें।